- क्रूरता का खुलासा: पंडरी मोवा स्थित ‘साहस’ नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को इलाज के नाम पर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है।
- मुख्य आरोपी: केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा पर मरीजों के साथ मारपीट का आरोप है, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
- पीड़ित का हाल: ओडिशा के अंकुर मांझी को 9 दिन के भीतर ही केंद्र से बाहर कर दिया गया; परिजनों का दावा है कि मारपीट से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई।
Investigation of Rehab Centers in CG , रायपुर — नशा छुड़ाने के नाम पर पंडरी मोवा के ‘साहस’ केंद्र में मरीजों के साथ ‘खूनी खेल’ चल रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक वायरल वीडियो में संचालिका का बेटा अनिकेश शर्मा मरीजों पर टूटते हुए दिखा। वीडियो में वह किसी प्रोफेशनल फाइटर की तरह निहत्थे मरीजों पर मुक्के और लात बरसाते नजर आ रहा है। ओडिशा के उमरकोट से आए एक परिवार ने जब अपने बेटे अंकुर की डरावनी स्थिति देखी, तो उन्होंने सीधे पंडरी थाने में एफआईआर (FIR) ठोक दी।
मैदान पर ‘फाउल’ गेम: 3 महीने का कॉन्ट्रैक्ट, 9 दिन में बर्बादी
अंकुर मांझी के माता-पिता उसे एक नई जिंदगी की उम्मीद में रायपुर लाए थे। उन्होंने 3 महीने के इलाज का भरोसा किया था, लेकिन केंद्र के ‘कोच’ और स्टाफ ने खेल ही बिगाड़ दिया।
- शारीरिक हमला: अनिकेश शर्मा ने कथित तौर पर अंकुर और अन्य मरीजों को बेरहमी से मारा।
- टाइमलाइन: सेंटर में एंट्री के मात्र 9 दिन बाद ही अंकुर को जबरन बाहर निकाल दिया गया।
- मानसिक आघात: परिजनों का आरोप है कि पिटाई और प्रताड़ना के कारण उनके बेटे का मानसिक संतुलन पूरी तरह डगमगा गया है।
पुलिस ने वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अनिकेश शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे इस ‘टॉर्चर चैंबर’ की असलियत सामने आने के बाद शहर के अन्य केंद्रों की जांच की मांग भी उठने लगी है।
“हमने अपने बेटे को सुधरने के लिए भेजा था, लेकिन वहां तो उसे जानवर की तरह पीटा गया। 9 दिनों में ही उन्होंने हमारे बच्चे की हालत ऐसी कर दी कि वह अब हमें पहचान तक नहीं पा रहा है। हम अनिकेश शर्मा और इस केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।”
— अंकुर मांझी के परिजन

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