नोएडा/ग्रेटर नोएडा: भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर ‘सेल्फ-रिलायंट’ (आत्मनिर्भर) बनाने की दिशा में शनिवार (21 फरवरी, 2026) को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ के अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर OSAT संयंत्र का शिलान्यास किया। यह HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन (Foxconn) का एक महत्वाकांक्षी संयुक्त उद्यम है, जो उत्तर भारत की पहली प्रमुख सेमीकंडक्टर यूनिट होगी।
“चिप में टिकी है 21वीं सदी की ताकत”
शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“आज भारत जो भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करेगा, वह केवल आज के लिए नहीं बल्कि पूरी 21वीं सदी की हमारी क्षमता का आधार बनेगा। एक छोटी सी चिप पर दुनिया की बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्थाएं टिकी हैं। कोविड के दौरान हमने देखा कि चिप की कमी से दुनिया कैसे थम गई थी। अब ‘मेड इन इंडिया’ चिप न केवल भारत की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि दुनिया के लिए एक भरोसेमंद सप्लाई चेन भी बनेगी।”
परियोजना की खास बातें: ₹3,706 करोड़ का निवेश
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संयुक्त उद्यम: यह प्लांट HCL ग्रुप और ताइवान की दिग्गज कंपनी फॉक्सकॉन (Hon Hai Technology Group) के बीच 60:40 की भागीदारी वाला प्रोजेक्ट है।
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उत्पादन क्षमता: प्लांट में हर महीने 20,000 वेफर्स प्रोसेस किए जाएंगे और प्रति माह 3.6 करोड़ डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन होगा।
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उपयोग: यहाँ बनने वाली चिप्स का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, ऑटोमोबाइल (कार) और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा।
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रोजगार: इस यूनिट से लगभग 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यूपी बना सेमीकंडक्टर का नया सेंटर: सीएम योगी
कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के नजदीक इस प्लांट के आने से उत्तर प्रदेश अब ‘आईटी हब’ के साथ-साथ ‘सेमीकंडक्टर हब’ के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए 48 एकड़ जमीन आवंटित की है और बिजली-पानी की सभी जरूरतें प्राथमिकता पर पूरी की जा रही हैं।
2028 तक शुरू हो जाएगा उत्पादन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्लांट 2028 तक पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएगा, जिससे भारत की विदेशों (विशेषकर चीन और ताइवान) पर निर्भरता कम होगी।



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