IND vs SL : नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपने साथी बल्लेबाज और उपकप्तान केएल राहुल को आउट होने से बचा लिया। राहुल के लिए यह जीवनदान बेहद अहम था, लेकिन भारतीय उपकप्तान इसका बड़ा फायदा नहीं उठा सके और कुछ ही देर बाद अपना विकेट गंवा बैठे।
पडिक्कल ने बचाया राहुल का विकेट
भारतीय पारी के दौरान केएल राहुल बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान एक गेंद पर राहुल के बल्ले का किनारा लगा और गेंद विकेट के पीछे जाने के बजाय स्लिप क्षेत्र की दिशा में गई। फील्डर ने कैच लपक लिया, लेकिन उससे पहले पडिक्कल ने अपनी सजगता दिखाई।
दरअसल, पडिक्कल नॉन-स्ट्राइकर छोर पर मौजूद थे। गेंद के बल्ले से लगने के बाद उन्होंने तुरंत स्थिति को समझा और कैच की दिशा में मौजूद फील्डर के सामने आ गए। उनकी वजह से फील्डर को गेंद पकड़ने में परेशानी हुई और राहुल को जीवनदान मिल गया।
राहुल को मिला बड़ा मौका
राहुल के लिए यह घटना किसी राहत से कम नहीं थी। टेस्ट क्रिकेट में एक बल्लेबाज को जब कैच छूटने या किसी अन्य गलती से जीवनदान मिलता है, तो उससे बड़ी पारी खेलने की उम्मीद की जाती है। राहुल के पास भी इस मौके को भुनाने का अवसर था।
हालांकि, भारतीय उपकप्तान ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके। जीवनदान मिलने के बाद वह अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील करने में नाकाम रहे और जल्द ही आउट होकर पवेलियन लौट गए।
पडिक्कल की समझदारी ने जीता दिल
पडिक्कल की इस हरकत ने मैदान पर मौजूद क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। आमतौर पर बल्लेबाज कैच से बचने के लिए गेंद से दूर रहने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहां पडिक्कल की प्रतिक्रिया ने राहुल को तत्काल राहत दिलाई।
उनकी सूझबूझ ने एक साथी खिलाड़ी को आउट होने से बचा लिया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
जीवनदान का नहीं उठा सके फायदा
राहुल को मिले इस मौके के बावजूद भारतीय टीम को इसका अपेक्षित फायदा नहीं मिला। राहुल की पारी जल्द समाप्त होने के कारण टीम को एक महत्वपूर्ण विकेट गंवाना पड़ा। टेस्ट मैच के चौथे दिन हर रन और हर विकेट महत्वपूर्ण था, ऐसे में राहुल से बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी।

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