Imran Khan Hospital Treatment: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए गुरुवार रात अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया। करीब 4 घंटे बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जेल भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद सुरक्षा कारणों से बिल्डिंग की सभी लाइटें बंद कर दी गईं और अस्पताल के स्टाफ के मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए।
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छह विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच
इमरान खान को आधी रात के करीब शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया, जहां छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनका मेडिकल चेकअप किया। जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला होना था कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं। जांच के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल ले जाने का दिया था आदेश
दरअसल, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया था कि इमरान खान को दो दिनों के भीतर अस्पताल ले जाया जाए। कोर्ट ने उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने की बात कही थी। हालांकि, सरकार ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचाया और जांच के बाद वापस जेल भेज दिया।
इमरान के इलाज के लिए बनेगा मेडिकल बोर्ड
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। इस बोर्ड में उनकी बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल किया जाना है। बोर्ड उनकी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा करेगा। डॉक्टर यह भी पता लगाएंगे कि उनके शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की वजह क्या है और भविष्य में इससे कोई गंभीर खतरा तो नहीं है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की रिव्यू पिटीशन
इमरान खान को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पाकिस्तान सरकार ने फिर चुनौती दी है। सरकार ने गुरुवार को रिव्यू पिटीशन दाखिल कर कोर्ट से अपने आदेश पर दोबारा विचार करने और उसे वापस लेने की मांग की।
अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। तोशाखाना मामले में सजा के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामलों में उन्हें सजा सुनाई गई। जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट मामले में उन्हें 14 साल की सजा मिली थी, जबकि दिसंबर 2025 में तोशाखाना मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई।

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