नई दिल्ली। देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार को एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 1326 हो गई है, वहीं 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक 6 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं, जिससे स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
इसी बीच, IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कहा है कि 2022 के बाद कई बार नए वैरिएंट की वजह से कोरोना केसों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गंभीर स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इस बार भी घबराने की जरूरत नहीं है।”
वहीं, BHU के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि अगर कोविड की चौथी लहर आती है तो इसका असर 21 से 28 दिन तक ही रहेगा। यह लहर दूसरी लहर की तरह जानलेवा नहीं होगी।
वैक्सीनेशन नहीं रोक पाएगा नए वैरिएंट का असर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए वैरिएंट पर वैक्सीन असरदार नहीं है। जिन्होंने वैक्सीनेशन करवाया है, उन्हें भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, वैक्सीनेशन से मिली इम्यूनिटी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में अब भी मदद कर सकती है।

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