Ganeshotsav 2025: गणेशोत्सव की शुरुआत साल 2025 में 27 अगस्त से हो चुकी है। इस दिन बप्पा के कई भक्त घर में गणपति स्थापित करते हैं। वैसे तो पारंपरिक रूप से बप्पा को 10 दिनों तक घर में स्थापित किया जाता है और उसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन होता है। हालांकि कुछ लोग डेढ़, तीसरे, पांचवे और सातवें दिन में भी गणपति विसर्जन करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि अनंत चतुर्दशी से पहले जो लोग गणपति विसर्जन करने वाले हैं उन्हें किस शुभ मुहूर्त में ऐसा करना चाहिए।
गणेशोत्सव के तीसरे दिन गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त
गणेशोत्सव का तीसरा दिन 29 अगस्त को है। इस दिन पूजा के साथ ही विसर्जन का मुहूर्त नीचे दिया गया है।
- सुबह के समय शुभ मुहूर्त- सुबह 05:59 मिनट से 10:47 मिनट तक
- दोपहर के समय शुभ मुहूर्त- दोपहर 12:22 मिनट से 01:58 मिनट तक
- शाम के समय शुभ मुहूर्त- शाम 05:11 मिनट से शाम 06:46 मिनट तक
गणेशोत्सव के पांचवें दिन गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त
गणेशोत्सव का पांचवा दिन 31 अगस्त को है। इस दिन पूजा के साथ ही विसर्जन का मुहूर्त नीचे दिया गया है।
- सुबह के समय शुभ मुहूर्त- सुबह 07:36 मिनट से 12:23 मिनट तक
- दोपहर के समय शुभ मुहूर्त- दोपहर 01:57 मिनट से 03:32 मिनट तक
- शाम के समय शुभ मुहूर्त- शाम 06:44 मिनट से शाम 10:57 मिनट तक
गणेशोत्सव के सातवें दिन गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त
गणेशोत्सव का तीसरा दिन 2 सितंबर को है। इस दिन पूजा के साथ ही विसर्जन का मुहूर्त नीचे दिया गया है।
- सुबह के समय शुभ मुहूर्त- सुबह 09:11 मिनट से दोपहर 01:56 मिनट तक
- दोपहर के समय शुभ मुहूर्त- दोपहर 03:31 मिनट से शाम 05:05 मिनट तक
- रात्रि के समय शुभ मुहूर्त- रात्रि 08:06 मिनट से 09:31 मिनट तक
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
अनंत चतुर्दशी से पहले ऊपर बताए गए तीन दिनों में आप गणेश विसर्जन कर सकते हैं। हालांकि अधिकतर लोग अनंत चतुर्दशी के दिन ही गणेश विसर्जन करेंगे। अनंत चतुर्दशी की शुरुआत 6 सिंतबर की सुबह 3 बजकर 12 मिनट से हो जाएगी वहीं इसका समापन 7 सिंतबर को दोपहर लगभी 1 बजकर 40 मिनट पर होगा। ऐसे में 6 और 7 सिंतबर दोनों ही दिन गणेश विसर्जन किया जा सकता है।

More Stories
Rang Panchami 2026 : आज बरसेगी राधा-कृष्ण की कृपा रंग पंचमी पर घर में इस तरह करें ‘गुलाल अभिषेक’, देखें सामग्री की पूरी लिस्ट
Sheetala Ashtami 2026 : होली के बाद इस दिन बुझेगा घर का चूल्हा, जानें शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और महत्व
Chaitra Navratri 2026 : हिंदू नववर्ष 2083 नवरात्र के साथ शुरू होगा नया साल, जानें कलश स्थापना की विधि और नियम