Ganesh Chalisa , नई दिल्ली — जीवन में जब चुनौतियां पहाड़ जैसी लगने लगें और सफलता के हर द्वार पर ताला लटक जाए, तब सनातन परंपरा में भगवान गणेश की शरण को अचूक माना गया है। नई दिल्ली के झंडेवालान और कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन गणेश मंदिरों में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण है गणेश चालीसा का वह चमत्कारिक प्रभाव, जिसे भक्त अपने कठिन समय में संबल मानते हैं।
गणेश चालीसा मात्र शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान गणेश के गुणों और शक्तियों का सार है। इसमें कुल 40 छंद हैं, जो भक्त के मानसिक और आध्यात्मिक बल को बढ़ाते हैं। विद्वानों का मानना है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद इसका पाठ करता है, उसके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। विशेष रूप से बुधवार के दिन इसका पाठ करना व्यापारिक बाधाओं को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है।
“गणेश चालीसा का पाठ करने से एकाग्रता बढ़ती है। जब मन शांत होता है, तो व्यक्ति को हर समस्या का समाधान खुद-ब-खुद दिखने लगता है। यह केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि एक सकारात्मक मानसिक ऊर्जा का संचार है।”
— पंडित के. शर्मा, प्रधान पुजारी, प्राचीन गणेश मंदिर, दिल्ली
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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