Former tribal society president dies : कांकेर जिले में सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत ने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में हुई इस दुखद घटना के बाद, ठाकुर के परिवारजनों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने जेल प्रशासन पर सीधे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे जिले में आक्रोश की लहर फैल गई है।
क्या है पूरा मामला?
जीवन ठाकुर को हाल ही में एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। परिवार के अनुसार, जेल में रहते हुए उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिवार और समाज के गंभीर आरोप
जीवन ठाकुर की मौत के बाद उनके परिवारजनों और आदिवासी समाज के सदस्यों ने थाना चारामा प्रभारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए गए हैं:
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हत्या का आरोप: परिवारजनों ने साफ तौर पर इसे एक संदिग्ध मौत बताते हुए, हत्या का आरोप लगाया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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जेल प्रशासन की लापरवाही: आरोप है कि जेल में ठाकुर की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जो सीधे तौर पर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
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महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना: समाज का कहना है कि जेल प्रशासन ने ठाकुर की तबीयत खराब होने और उन्हें अस्पताल ले जाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी परिवार से छिपाई, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ी।
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संवेदनशील मामला: चूंकि जीवन ठाकुर सर्व आदिवासी समाज के एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे थे, इसलिए इस घटना ने पूरे आदिवासी समुदाय की भावनाओं को आहत किया है।
पुलिस ने शुरू की जाँच
ज्ञापन मिलने के बाद, थाना चारामा प्रभारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। पुलिस अब जेल प्रशासन से पूरी जानकारी जुटाने और मेकाहारा अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। समाज ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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