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January 8, 2026

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Financial Planning : 10 साल में एक करोड़ का जादुई आंकड़ा और उसकी हकीकत

Financial Planning, नई दिल्ली, 07 जनवरी 2026 – मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ‘करोड़पति’ शब्द अक्सर एक दूर के सपने जैसा लगता है, जिसे केवल किस्मत या विरासत से ही पाया जा सकता है। लेकिन बदलते दौर के वित्तीय उपकरणों ने इस धारणा को चुनौती दी है। आज एक आम निवेशक के लिए एक करोड़ रुपये का फंड बनाना केवल गणित और अनुशासन का खेल रह गया है, न कि किसी चमत्कार का।

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अनुशासन का नया नाम: एसआईपी

एसआईपी, जिसे हम सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के नाम से जानते हैं, निवेश की दुनिया का वह ‘साइलेंट प्लेयर’ है जो छोटे-छोटे कदमों से लंबी दूरी तय करने में माहिर है। यह सिर्फ पैसे बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच एक सुरक्षा कवच है जो निवेशक को मानसिक तनाव से मुक्त रखता है।

म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई निश्चित सीमा नहीं होती, जो इसे उन लोगों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है जो पारंपरिक बचत से ऊपर उठकर कुछ बड़ा करना चाहते हैं। यह तकनीक आपको बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ उठाने और एक प्रबंधनीय तरीके से धीरे-धीरे धन संचय करने की अनुमति देती है।

दस साल का सफर और एक करोड़ का लक्ष्य

अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो 12 प्रतिशत के औसत सालाना रिटर्न की उम्मीद के साथ 10 साल का सफर तय करना काफी रोमांचक हो सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक निवेशक को हर महीने लगभग ₹43,050 की अनुशासित एसआईपी की आवश्यकता होगी।यह निवेश सुनने में बड़ा लग सकता है, लेकिन 10 साल बाद मिलने वाला ₹1,00,02,197 का फंड उस मेहनत और धैर्य का सबसे बड़ा इनाम साबित होता है। यदि बाजार का प्रदर्शन और भी बेहतर रहता है, तो यह लक्ष्य और भी कम निवेश या समय में पूरा किया जा सकता है।

बाजार का बदलता चेहरा और सेबी की सख्ती

निवेश की इस होड़ के बीच बाजार की पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा रही है, जिस पर सेबी (SEBI) प्रमुख ने हाल ही में कड़ी चिंता व्यक्त की थी। 80 ट्रिलियन के इस विशाल म्यूचुअल फंड बाजार को देखते हुए, निवेशकों को जागरूक रहने की सलाह दी गई है कि उनका पैसा आखिर कहां लगाया जा रहा है।सेबी द्वारा एक्सपेंस रेशियो के नियमों में किए गए हालिया बदलाव इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन बदलावों का सीधा असर निवेशकों की कमाई पर पड़ेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क उचित हों और निवेशकों के मुनाफे में अनावश्यक सेंध न लगे।

विशेषज्ञों की राय

“म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई लिमिट नहीं है, लेकिन 10 साल में एक करोड़ का सपना पूरा करने के लिए सही प्लानिंग और अनुशासित निवेश ही सबसे बड़ी शर्त है।”

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