सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत करने से साधक को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आगमन होता है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार—शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष—एकादशी व्रत रखा जाता है। नए साल 2026 की शुरुआत होने जा रही है, ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह जानना आवश्यक है कि वर्ष 2026 में एकादशी व्रत किन-किन तिथियों पर पड़ेगा। यहां हम आपको एकादशी कैलेंडर 2026 की जानकारी दे रहे हैं।
एकादशी व्रत 2026 की प्रमुख तिथियां
| एकादशी तिथि | एकादशी का नाम |
|---|---|
| 14 जनवरी 2026 | षटतिला एकादशी |
| 29 जनवरी 2026 | जया एकादशी |
धार्मिक मान्यता है कि षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। वहीं जया एकादशी का व्रत रखने से सभी प्रकार के भय और कष्ट दूर होते हैं तथा जीवन में विजय और सफलता प्राप्त होती है।
एकादशी व्रत का महत्व
एकादशी के दिन उपवास रखने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि यह शरीर और मन की शुद्धि में भी सहायक माना जाता है। इस दिन अन्न त्यागकर फलाहार करने की परंपरा है। साथ ही भगवान विष्णु के नाम का जाप, विष्णु सहस्रनाम और कथा का श्रवण विशेष फलदायी माना जाता है।

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