लाला सिंडिकेट और ‘लला पैड’ का खुलासा
ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड अनूप मांझी उर्फ लाला है। लाला एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था, जो ECL के लीज एरिया से अवैध रूप से कोयला निकालता था। इस सिंडिकेट ने ‘लाला पैड’ नामक एक फर्जी ट्रांसपोर्ट चालान प्रणाली विकसित की थी, जो बिना अस्तित्व वाली फर्मों के नाम पर टैक्स इनवॉइस के रूप में काम करती थी। इन फर्जी चालानों के जरिए अवैध कोयले को पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था।
शाकंभरी इस्पात और गगन फेरोटेक पर शिकंजा
ताजा कार्रवाई में मुख्य रूप से दो बड़ी कंपनियों—शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड—को निशाना बनाया गया है। ED के अनुसार, इन स्टील कंपनियों ने अवैध रूप से खनन किए गए कोयले को नकद भुगतान कर खरीदा और इस काली कमाई को वैध दिखाने की कोशिश की। जब्त की गई संपत्तियों में इन कंपनियों के नाम पर दर्ज अचल संपत्तियां, म्यूचुअल फंड निवेश और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) शामिल हैं।
“इस सिंडिकेट ने बैंकिंग चैनलों को दरकिनार कर नकदी के लेन-देन के लिए एक भूमिगत ‘हवाला नेटवर्क’ तैयार किया था। हम इस जटिल वित्तीय जाल की हर परत को उधेड़ रहे हैं ताकि अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचा जा सके।”
— प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आधिकारिक बयान

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