नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। ये टैरिफ गत बुधवार से लागू हो चुका है। इस बीच ट्रंप के टैरिफ के फैसले को अमेरिका केई लोगों ने गलत ठहराया है।
इस बीच अमेरिकी अर्थ शास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिका भारत के खिलाफ दुनिया के सबसे सख्त आदमी की तरह काम कर रहा है, लेकिन ब्रिक्स को पश्चिम का आर्थिक विकल्प बनाने पर जोर देकर वह अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहा है।
‘चूहे द्वारा हाथी को मुक्का मारने जैसा’
अमेरिकी अर्थ शास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा भारत को यह बताना कि उसे क्या करना चाहिए, ठीक वैसा ही है, जैसे चूहे द्वारा हाथी को मुक्का मारा जा रहा हो।
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‘अमेरिकी की जगह कहीं और निर्यात करेगा भारत’
अमेरिकी अर्थशास्त्री वोल्फ ने कहा कि अगर अमेरिका भारत के लिए अपने दरवाजे बंद कर देता है, तो भारत अपने उत्पादों के निर्यात के लिए कोई दूसरी जगह तलाश लेगा। उन्होंने दावा किया कि यही कदम भारत समेत ब्रिक्स को मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे रूस ने अपनी ऊर्जा को बेचने और खरीदने के लिए नया मार्केट ढूंढ लिया है, वैसे ही भारत अमेरिकी की बजाय ब्रिक्स के बाकी देशों को अपना सामान बेचेगा।
वोल्फ ने अपने पोडकास्ट के दौरान बताया कि अगर आप चीन, भारत, रूस और ब्रिक्स को लें, तो इन देशों का वैश्विक उत्पादन में हिस्सा 35 प्रतिशत के करीब है। वहीं, जी7 का हिस्सा घटकर लगभग 28 प्रतिशत ही रह गया है।
ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50 प्रतिशत टैरिफ
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के दंड में भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। टैरिफ की नई दरें गत बुधवार से लागू हो गई हैं। बता दें कि ट्रंप का ये टैरिफ अधिकांश उत्पादों पर लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने भारत पर यूक्रेन पर हमले करने के लिए रूस को वित्तपोषित करने का आरोप मढ़ा है।

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