लखनऊ/दिल्ली | 7 अप्रैल 2026 देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए ऐसे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जो डिजिटल दुनिया के जरिए भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी में था। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि संदिग्ध आतंकी साकिब और उसके साथी टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से देश भर के सैकड़ों युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी नेटवर्क में शामिल करने की साजिश रच रहे थे।
दुबई और पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के तार
एटीएस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे मॉड्यूल का रिमोट कंट्रोल भारत के बाहर है। साकिब सीधे तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था, जबकि इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और लॉजिस्टिक सपोर्ट का कनेक्शन दुबई से जुड़ा पाया गया है। विदेशी आकाओं के इशारे पर ही साकिब को भारत के अलग-अलग राज्यों में ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
टेलीग्राम पर ‘कट्टरपंथ’ की पाठशाला
जांच में साकिब के पास से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला है कि:
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साकिब ने एक दर्जन से ज्यादा टेलीग्राम ग्रुप बनाए थे।
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इन ग्रुप्स में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और मुंबई जैसे राज्यों के सैकड़ों युवा जुड़े हुए थे।
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ग्रुप में लगातार भड़काऊ भाषण, कट्टरपंथी वीडियो और हथियार चलाने की ट्रेनिंग से जुड़े मैनुअल शेयर किए जा रहे थे।
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युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें ‘लोन वुल्फ अटैक’ या सामूहिक आतंकी वारदातों के लिए उकसाया जा रहा था।
2 अप्रैल को हुआ था पहला बड़ा खुलासा
गौरतलब है कि एटीएस ने 2 अप्रैल को ही इस मॉड्यूल के कुछ संदिग्धों को दबोचकर एक बड़ी आतंकी वारदात की योजना को विफल किया था। पूछताछ में साकिब का नाम सामने आया, जिसके बाद डिजिटल फॉरेंसिक जांच में टेलीग्राम नेटवर्क की यह खौफनाक सच्चाई सामने आई है। साकिब अपने स्तर पर एक समानांतर नेटवर्क तैयार कर रहा था ताकि मुख्य संगठन के पकड़े जाने पर भी काम जारी रहे।

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