Digital Gold : भारत में सोने को सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि आस्था, समृद्धि और निवेश का प्रतीक माना जाता है। बदलते समय के साथ, सोने में निवेश का पारंपरिक तरीका भी बदल गया है। पिछले कुछ सालों में, विशेष रूप से युवाओं के बीच, ‘डिजिटल गोल्ड’ खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह सुविधा, पारदर्शिता और छोटी मात्रा में निवेश की आजादी देता है, जिसके कारण यह जल्द ही लोकप्रिय हो गया।
कई लोकप्रिय फिनटेक ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बस कुछ ही क्लिक में $1$ रुपये या $1$ ग्राम तक सोना खरीदना बेहद आसान हो गया है।लेकिन अब, बाजार नियामक संस्था SEBI (सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने इस ‘आसान’ निवेश को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। सेबी के इस बयान ने उन लाखों निवेशकों को चिंता में डाल दिया है, जिन्होंने डिजिटल गोल्ड में अपना पैसा लगाया है।
भारत में सोने का लगाव और डिजिटल गोल्ड की बढ़ती लोकप्रियता
भारत में सोना सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि भावनाओं और निवेश का प्रतीक है। लेकिन बदलते दौर के साथ निवेश का तरीका भी बदल गया है। अब फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) खरीदना नया ट्रेंड बन गया है। युवा निवेशक तेजी से फिनटेक ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm और Groww के ज़रिए ऑनलाइन सोना खरीद रहे हैं।बस कुछ क्लिक में सोना खरीदने की सुविधा ने इस निवेश को बेहद आसान बना दिया है। लेकिन इसी “आसानी” के बीच अब एक बड़ी चेतावनी आई है — वो भी SEBI (Securities and Exchange Board of India) की ओर से।
क्या कहा है SEBI ने डिजिटल गोल्ड को लेकर?
SEBI ने हाल ही में एक एडवाइजरी (Advisory) जारी कर निवेशकों को डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले सावधान रहने को कहा है। नियामक संस्था ने साफ़ किया है कि:
“डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड उत्पाद SEBI के दायरे में नहीं आते। न तो इन्हें ‘सिक्योरिटीज़’ माना जाता है और न ही ये ‘कमोडिटी डेरिवेटिव्स’ के रूप में रेगुलेटेड हैं।”
इसका सीधा अर्थ है कि अगर आप किसी ऐप या प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो SEBI के निवेशक सुरक्षा नियम (Investor Protection Mechanism) आपके ऊपर लागू नहीं होते।



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