रायपुर। कांग्रेस शासनकाल में हुए कथित डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) घोटाले की जांच में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने बुधवार सुबह प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे हैं। इनमें रायपुर में 5, दुर्ग में 2, राजनांदगांव में 4 और कुरूद में 1 ठिकाना शामिल है।
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जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई शासकीय सप्लायरों और कारोबारियों के ठिकानों पर की जा रही है। राजनांदगांव के कुछ प्रमुख व्यापारियों — नाहटा, भंसाली और अग्रवाल — के नाम इस जांच में सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन पर डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल और फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये के गबन का संदेह है।
एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमों ने तड़के छापेमारी की शुरुआत की, ताकि किसी भी दस्तावेज या डिजिटल सबूत को नष्ट न किया जा सके। बताया जा रहा है कि टीमों ने कई ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कार्रवाई डीएमएफ फंड से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बड़े नेटवर्क को उजागर करने के मकसद से की जा रही है। फिलहाल, छापेमारी जारी है और अधिकारियों ने कहा है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।



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