नई दिल्ली | 23 मार्च, 2026 संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज भारी गहमागहमी के बीच शुरू होने जा रहा है। एक तरफ जहां सरकार आर्थिक सुधारों की दिशा में कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने तेल और गैस संकट को लेकर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।
क्या है आज का एजेंडा?
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कॉर्पोरेट कानून में बड़े बदलाव: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में ‘कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करेंगी।
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इन कानूनों में होगा सुधार: इस विधेयक के माध्यम से लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में महत्वपूर्ण संशोधन किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और अनुपालन (compliance) को सरल बनाना है।
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अनुदान मांगों पर ‘गिलोटिन’: विधायी कार्यों की अधिकता और समय की कमी को देखते हुए, विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को आज ‘गिलोटिन’ पद्धति से पारित किया जा सकता है।
विपक्ष का कड़ा रुख: तेल और गैस संकट पर घेराबंदी
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह देश में गहराते तेल और गैस संकट पर चर्चा की मांग करेगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को सुचारू रखने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रही है। इसके चलते आज सदन में भारी हंगामे के आसार हैं, जिससे प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित हो सकता है।
क्या होता है ‘गिलोटिन’ मैथड?
संसदीय शब्दावली में ‘गिलोटिन’ वह प्रक्रिया है जिसमें चर्चा के लिए समय की कमी होने पर बिना किसी विस्तृत चर्चा के सभी शेष अनुदान मांगों (Demands for Grants) को एक साथ वोटिंग के लिए रख दिया जाता है और उन्हें पारित कर दिया जाता है।

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