कवर्धा: सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। गुरुवार सुबह उन्होंने अचानक निरीक्षण अभियान की शुरुआत की और सबसे पहले जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे।
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जहां कई कर्मचारी निर्धारित समय के बाद भी गैरहाज़िर थे। जिसके बाद कलेक्टर खुद कार्यालय के मुख्य द्वार पर कुर्सी लगाकर बैठ गए और जैसे ही देरी से आने वाले कर्मचारी अंदर घुसने लगे, उन्हें वहीं रोक लिया गया।
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इस दौरान कलेक्टर वर्मा ने तय समय के बाद पहुंच रहे कर्मचारियों को कार्यालय के भीतर आने से रोकते हुए उनसे कारण पूछा। कुछ कर्मचारी शर्मिंदगी में मुंह छुपाते नजर आए, तो कुछ ने सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में समय का पालन करने का वादा किया।

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