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छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं पर CM Sai’ की सीधी नजर, हर महीने होगी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

CM Sai’ रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की प्रमुख योजनाओं और प्रोजेक्ट्स की समीक्षा हर महीने मुख्यमंत्री स्तर पर की जाएगी। इसके लिए Project Assessment, Review and Analysis System (PARAS) यानी ‘पारस’ को एक प्रभावी निगरानी प्रणाली के रूप में लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचाना, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करना है।

‘पारस’ सिस्टम से होगी हर परियोजना की निगरानी

राज्य सरकार के अनुसार, ‘पारस’ सिस्टम के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। इसमें परियोजनाओं की प्रगति, निर्धारित समयसीमा, वित्तीय उपयोग और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों का डिजिटल विश्लेषण किया जाएगा। इससे सरकार को वास्तविक समय में योजनाओं की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और आवश्यक होने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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हर महीने मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा बैठक

नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री स्वयं प्रत्येक माह योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों और जिलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। जिन परियोजनाओं में देरी, लापरवाही या अन्य समस्याएं सामने आएंगी, उन पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

जिलों की बनेगी परफॉर्मेंस रैंकिंग

‘पारस’ प्रणाली के जरिए राज्य के सभी जिलों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर कार्य पूर्ण करने और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने के आधार पर जिलों की परफॉर्मेंस रैंकिंग तैयार होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी योजना का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंचता है या परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार होने की संभावना है।

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