- बड़ी क्षति: अंबिकापुर की संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत।
- प्रशासनिक एक्शन: डीएफओ अभिषेक जोगावत ने जांच टीम गठित कर 2 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी।
- चुपचाप अंतिम संस्कार: घटना के बाद आनन-फानन में शवों को ठिकाने लगाने के आरोपों से मचा हड़कंप।
Chhattisgarh News , अंबिकापुर — छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से वन्यजीव सुरक्षा में बड़ी चूक की खबर सामने आई है। शहर के संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने हिरणों के बाड़े में सेंध लगाकर खूनी खेल खेला। इस हमले में 15 हिरणों की जान चली गई। सुरक्षा घेरा तोड़कर बाड़े के अंदर कुत्तों का पहुंचना वन विभाग की मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बाड़े की दीवार फांदकर पहुंचे 4-5 कुत्ते
घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 4 से 5 आवारा कुत्तों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बाड़े में प्रवेश किया। हिरणों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। कुत्तों ने उन्हें बुरी तरह नोच डाला।
- मृत हिरणों की संख्या: 15
- हमलावर: 4-5 आवारा कुत्तों का झुंड।
- जिम्मेदार अधिकारी: डीएफओ अभिषेक जोगावत (जांच के आदेश जारी)।
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पार्क के सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। जब तक मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा, 15 बेगुनाह वन्यजीव दम तोड़ चुके थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए शवों का गुपचुप तरीके से निस्तारण किया गया।
“संजय वन वाटिका में कुत्तों के हमले से हिरणों की मौत की दुखद खबर मिली है। हमने इसकी पुष्टि की है और जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है। 48 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
— अभिषेक जोगावत, डीएफओ, अंबिकापुर

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