आवारा कुत्तों पर आज Supreme Court’ का बड़ा फैसला’ सड़क या शेल्टर हाउस, तय होगी दिशा
हाईकोर्ट की सहमति के बाद बना ढांचा
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, हाईकोर्ट की सहमति के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 36(2) के तहत इन विशेष अदालतों का गठन किया गया है। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में मादक पदार्थों की तस्करी और सिंथेटिक ड्रग्स के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में लंबित चल रही थी। सरकार का मानना है कि अलग अदालत बनने से जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष को राहत मिलेगी। केस की सुनवाई तय समय सीमा में आगे बढ़ेगी। अदालतों में विशेष रूप से प्रशिक्षित न्यायिक अधिकारी तैनात किए जाएंगे। कानूनी जानकार बताते हैं कि NDPS एक्ट के मामलों में तकनीकी प्रक्रिया और सबूतों की जांच काफी अहम होती है। कई बार देरी के कारण केस कमजोर पड़ जाते हैं। नई अदालतों के जरिए इस समस्या को कम करने की कोशिश की जा रही है।
KKR से हार के बाद शुभमन गिल का बड़ा बयान, बोले- ‘हम जीत के हकदार नहीं थे’
नशे के नेटवर्क पर फोकस
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हाल के महीनों में गांजा, प्रतिबंधित इंजेक्शन और सिंथेटिक ड्रग्स की खेप पकड़ी गई थी। पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियों ने लगातार कार्रवाई की, लेकिन अदालतों में मामलों का दबाव बना रहा।
सरायपाली को विशेष तौर पर शामिल किया जाना भी अहम माना जा रहा है। यह इलाका ओडिशा सीमा से जुड़ा होने के कारण निगरानी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। रायपुर और बिलासपुर में भी कई बड़े NDPS केस लंबित हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब जांच एजेंसियों को अलग ट्रायल सिस्टम मिलेगा। इससे केस डायरी, गवाह और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर तेज काम हो सकेगा। कोर्ट में लगातार सुनवाई होने की उम्मीद है।

More Stories
15 मिनट का खौफ , बीच हवा में अटकी लिफ्ट, Amit Chimnani समेत 7 लोगों की जान पर बन आई
सड़कों पर घमासान , गृह मंत्री Amit Shah से मिलने जा रहे कांग्रेसी नेताओं की पुलिस से तीखी झड़प
Chhattisgarh News : वन विभाग ने जारी किया अलर्ट , सफेद भालू की हलचल देख मरवाही वनमंडल ने ग्रामीणों को जंगल न जाने की दी सलाह