Chhattisgarh Gas Cylinder Shortage , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजधानी समेत कई जिलों में गैस सिलेंडर के लिए मची अफरातफरी के बीच उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मोर्चा संभाल लिया है। एजेंसियों पर उमड़ रही भीड़ को देखते हुए साव ने इसे ‘पैनिक बाइंग’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा नहीं है, बल्कि गलत सूचनाओं ने बाजार का संतुलन बिगाड़ा है।
मैदान की हकीकत: अफवाह बनाम आपूर्ति
पिछले 48 घंटों में रायपुर की गैस एजेंसियों पर ग्राहकों की संख्या में अचानक 30-40% का उछाल देखा गया। कतारें इतनी लंबी थीं कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। डिप्टी सीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केंद्र और राज्य के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। उन्होंने इस स्थिति के लिए वैश्विक परिस्थितियों के गलत विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर फैली अफवाहों को जिम्मेदार ठहराया।
“वैश्विक परिस्थितियों और कुछ गलत अफवाहों की वजह से लोग डरे हुए हैं। मैं साफ कर दूं कि पेट्रोल और गैस की कोई शॉर्टेज नहीं है। लोग थोड़ा धैर्य रखें। जो लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं, उन पर सरकार सीधा प्रहार करेगी।”
— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
सरकार अब वेटिंग मोड से हटकर एक्शन मोड में आ गई है। खाद्य विभाग की टीमों को फील्ड पर उतारा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्टॉक की होर्डिंग न हो। प्रशासन का मानना है कि यदि लोग सामान्य रूप से बुकिंग जारी रखते हैं, तो अगले 24 से 72 घंटों में कतारें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। यह संकट आपूर्ति का नहीं, बल्कि भरोसे का है। जब भी ‘शॉर्टेज’ की खबर फैलती है, उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने की कोशिश करता है। सरकार का अगला कदम गैस एजेंसियों के माध्यम से सीधे संवाद स्थापित करना होगा ताकि उपभोक्ताओं का डर खत्म हो सके और बाजार फिर से अपनी नेचुरल लय में लौट आए।

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