क्या था विवाद का कारण
पिछले आदेश में शिक्षा विभाग ने लोकल कक्षाओं की परीक्षाओं के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी DEO स्तर पर तय की थी। आदेश जारी होते ही निजी स्कूलों में असमंजस की स्थिति बन गई। कई स्कूलों ने परीक्षा कैलेंडर, प्रश्नपत्र और मूल्यांकन को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। रायपुर के शंकर नगर और सिविल लाइंस क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों ने बताया कि अचानक आदेश बदलने से छात्रों की तैयारी और समय-सारिणी दोनों प्रभावित हो रहे थे।
संशोधित आदेश में क्या बदला
लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी ताजा आदेश में साफ किया गया है कि निजी स्कूल पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही लोकल कक्षाओं की परीक्षाएं कराएंगे। विभाग ने माना कि पुराने निर्देश से प्रशासनिक भ्रम पैदा हुआ था।
- निजी स्कूल खुद परीक्षा आयोजन करेंगे
- प्रश्नपत्र और मूल्यांकन की जिम्मेदारी स्कूलों की
- DEO स्तर पर अतिरिक्त हस्तक्षेप नहीं होगा
आधिकारिक पक्ष
“स्कूलों से प्राप्त फीडबैक के बाद परीक्षा व्यवस्था में संशोधन किया गया है। निजी स्कूल लोकल कक्षाओं की परीक्षाएं स्वयं आयोजित करेंगे।”
— अधिकारी, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़
छात्रों और स्कूलों पर असर
आदेश संशोधन के बाद निजी स्कूलों में राहत का माहौल है। परीक्षा से ठीक पहले बदली व्यवस्था से जहां छात्र तनाव में थे, वहीं अब पुराने पैटर्न पर परीक्षा होने से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे कोई बदलाव होने पर पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।



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