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CG Sand Royalty Scam : छत्तीसगढ़ में 6 करोड़ के रेत रॉयल्टी घोटाले की जांच फाइल गायब, 10 साल पुराने मामले में फिर उठे सवाल

CG Sand Royalty Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित करीब 6 करोड़ रुपये के रेत रॉयल्टी घोटाले को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरंग जनपद पंचायत से जुड़े इस मामले में जांच पूरी होने के बाद तैयार की गई महत्वपूर्ण फाइल सितंबर 2022 में रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। फाइल लापता होने के मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की ओर से सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन मामला दर्ज होने के लंबे समय बाद भी जांच में कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। अब एक दशक पुराने इस मामले में जांच की रफ्तार और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।

जांच पूरी होने के बाद गायब हुई फाइल

जानकारी के अनुसार आरंग जनपद पंचायत में रेत रॉयल्टी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच पूरी कर ली गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी चल रही थी, तभी सितंबर 2022 में संबंधित फाइल कार्यालय से गायब होने की जानकारी सामने आई। इस फाइल में जांच रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल बताए गए थे, जिनके आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई होनी थी।

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एफआईआर के बावजूद जांच की रफ्तार धीमी

फाइल गायब होने के मामले को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ ने सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उम्मीद थी कि पुलिस जांच के जरिए फाइल का पता लगाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों की पहचान होगी। लेकिन मामला दर्ज होने के बाद भी जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। इस कारण फाइल अब तक बरामद नहीं हो सकी है और पूरे मामले पर अनिश्चितता बनी हुई है।

रेत रॉयल्टी घोटाले पर फिर उठे सवाल

करीब 10 साल पुराने इस कथित रेत रॉयल्टी घोटाले में करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का मामला सामने आया था। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी थी, लेकिन फाइल गायब होने से पूरा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। प्रशासनिक हलकों में भी यह सवाल उठ रहा है कि इतनी महत्वपूर्ण जांच फाइल आखिर कैसे गायब हो गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील मामलों से जुड़ी फाइलों का डिजिटलीकरण और सुरक्षित रिकॉर्ड प्रबंधन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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