क्यों बढ़ी कीमतें और कहां होगा सबसे ज्यादा असर?
महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय के अनुसार, इन जिलों के कलेक्टरों द्वारा भेजे गए मूल्यांकन प्रस्तावों को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। एनआईसी (NIC) ने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है, जिससे नई दरें तुरंत प्रभावी हो गई हैं।
- धमतरी: शहर के मुख्य मार्ग और आवासीय कॉलोनियों में जमीन की सरकारी कीमतों में 15% से 20% तक का उछाल देखा जा सकता है।
- बलौदा बाजार: औद्योगिक क्षेत्रों और भाटापारा जैसे व्यापारिक केंद्रों में नई दरें लागू होने से रजिस्ट्री का खर्च बढ़ गया है।
- गरियाबंद: जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों में भी जमीन के दाम अब बाजार मूल्य के करीब पहुँच गए हैं।
पुराने अपॉइंटमेंट पर भी देना होगा अतिरिक्त शुल्क
जिन लोगों ने पहले से रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुक किया था, लेकिन उनकी रजिस्ट्री आज या उसके बाद हो रही है, उन्हें भी नई दरों के अनुसार ही स्टांप शुल्क चुकाना होगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजीयन के समय जो दर पोर्टल पर प्रदर्शित होगी, वही मान्य होगी।
Voices from the Ground / आधिकारिक बयान
“जिलों के विकास और बाजार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण (Rationalization) किया गया है। पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम अनिवार्य था।” — राजस्व विभाग अधिकारी, छत्तीसगढ़ शासन
Impact on Residents / क्या करें जमीन खरीदार?
यदि आप इन जिलों में संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- ई-पंजीयन पोर्टल (NGDRS): छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने वार्ड या गांव की नई ‘सर्कल रेट’ जरूर चेक करें।
- बजट का पुनर्मूल्यांकन: अब आपको जमीन की कुल कीमत का 5% स्टांप ड्यूटी और 4% पंजीयन शुल्क नई गाइडलाइन के आधार पर देना होगा।
- दस्तावेजों का सत्यापन: किसी भी डील को फाइनल करने से पहले जिला पंजीयक कार्यालय (Sub-Registrar Office) से नई गाइडलाइन की प्रमाणित प्रति प्राप्त करें।



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