Raipur DSR 5 May 2026: पुरानी रंजिश में 16 वर्षीय किशोर पर चाकू से जानलेवा हमला
कैसे हुआ खेल: कॉल से लेकर ट्रांजेक्शन तक
ठग ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। आवाज भरोसे वाली। ऑफर लुभावना—“क्रेडिट कार्ड मिलेगा, लिमिट बढ़ेगी।” युवती ने बात सुनी। यहीं चूक हुई। इसके बाद उसे एक ऐप डाउनलोड कराया गया—पे-जैप। इंस्टॉल के बाद स्क्रीन शेयरिंग जैसी प्रक्रिया। एक्सेस मिलते ही ठग ने तेजी दिखाई। कुछ ही मिनटों में ₹1,05,000 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकाल लिए गए। फोन शांत। बैलेंस खाली।
ग्राउंड रियलिटी: एक कॉल, और सब खत्म
आप सोचते हैं—“हम नहीं फंसेंगे।” लेकिन ठग स्क्रिप्ट लेकर आते हैं। शब्द नपे-तुले। दबाव बनाते हैं। जल्दी फैसला करवाते हैं। मुंगेली नाका में रहने वाली युवती प्राइवेट जॉब करती है। रोज की भागदौड़। ऐसे में एक कॉल आया और पूरा महीना ही नहीं, बचत भी चली गई।
- फर्जी बैंक कॉल का इस्तेमाल
- ऐप डाउनलोड कराकर एक्सेस लेना
- तेजी से मल्टीपल ट्रांजेक्शन
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Anil Dewangan
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