जब त्वचा छूना भी बना खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की स्थिति ऐसी थी कि सामान्य कपड़ा या बिस्तर भी नुकसान पहुंचा सकता था। हल्का सा रगड़…और त्वचा छिलने का खतरा। यहीं पर आया अलग रास्ता। केले के पत्ते। मुलायम। प्राकृतिक। और सही तरीके से स्टरलाइज करने के बाद सुरक्षित। बच्चे को इन पत्तों पर रखा गया। हर मूवमेंट कंट्रोल में। हर स्पर्श सोच-समझकर। ICU में सन्नाटा था। मशीनों की बीप…और डॉक्टरों की नजरें सिर्फ बच्चे पर।
25 दिन की जंग: हर दिन एक नया टेस्ट
इलाज आसान नहीं था। संक्रमण का खतरा हर वक्त मंडरा रहा था। टीम ने लगातार मॉनिटरिंग की।
- स्टरलाइजेशन का सख्त पालन
- नियमित ड्रेसिंग और जांच
- फीडिंग और हाइड्रेशन पर खास ध्यान
धीरे-धीरे सुधार दिखा। पहले हलचल। फिर स्थिरता। और आखिर में राहत की सांस।

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