अवैध कब्जे और नशे के कारोबार पर शिकंजा
हाल ही में समोदा गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में पाया गया कि विनायक ताम्रकार मुख्य रूप से इस गैरकानूनी काम में संलिप्त था। जांच का दायरा बढ़ा तो उसके भाई बृजेश ताम्रकार द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण की बात सामने आई। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अमला दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध रूप से संचालित दुकान को ढहा दिया। इस दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
“नशे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों के अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है। राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
— राजस्व अधिकारी (तहसीलदार), दुर्ग प्रशासन
समोदा और आसपास के जेवरा-सिरसा क्षेत्र में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब ताम्रकार परिवार की अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। यह कार्रवाई उस अभियान का हिस्सा है जिसके तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य में अवैध नशे और अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध से अर्जित संपत्ति या सरकारी जमीन पर किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।

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