CG News : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार चिंता बढ़ा रहा है। जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत औरापानी गांव निवासी 37 वर्षीय रेखा बैगा की मलेरिया से संक्रमित होने के बाद इलाज के दौरान छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और मलेरिया नियंत्रण अभियान को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होतीं तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
तेज बुखार के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, रेखा बैगा को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत थी। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में गंभीर स्थिति में बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मलेरिया की पुष्टि के बाद बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई थी। लगातार हो रही बारिश और जलभराव के कारण जिले के कई ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है, जिससे मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से अधिकांश मरीजों को बचाया जा सकता है, लेकिन देर से अस्पताल पहुंचने पर जोखिम बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर उठे सवाल
महिला की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नियमित स्वास्थ्य जांच, मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव और जागरूकता अभियान पर्याप्त स्तर पर नहीं चलाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी का खतरा लगातार बना हुआ है।
टीम ने शुरू किया सर्वे और रोकथाम अभियान
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांव का दौरा कर सर्वे शुरू कर दिया है। संदिग्ध मरीजों की जांच, घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण और मलेरिया की रोकथाम के लिए दवा वितरण एवं फॉगिंग की कार्रवाई तेज करने की बात कही गई है। अधिकारियों ने लोगों से बुखार आने पर तुरंत जांच कराने और स्वयं दवा लेने से बचने की अपील की है।
बरसात में बढ़ जाता है मलेरिया का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है। ऐसे में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है।

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