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CG News : 15 अगस्त से पहले छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, 101 उम्रकैदियों की होगी समयपूर्व रिहाई

CG News : रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया है। राज्य की पांचों केंद्रीय जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 101 उम्रकैदियों को 14 अगस्त को समयपूर्व रिहा किया जाएगा। यह फैसला राज्य सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति और जेल अधिनियम के तहत लिया गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि केवल उन कैदियों को रिहाई का लाभ मिलेगा, जिन्होंने जेल में अनुशासित जीवन व्यतीत किया है और जिनके व्यवहार में सुधार देखा गया है।

इस निर्णय को सुधारात्मक न्याय प्रणाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ऐसे कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना है, जिन्होंने अपने आचरण से बदलाव का परिचय दिया है।

अच्छे आचरण के आधार पर हुआ चयन

अधिकारियों के अनुसार, रिहा किए जाने वाले 101 कैदियों का चयन कई मानकों के आधार पर किया गया है। इसमें जेल में उनका अनुशासन, व्यवहार, सुधार की प्रवृत्ति, जेल गतिविधियों में भागीदारी और जिला प्रशासन की रिपोर्ट को प्रमुखता से देखा गया।

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प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित कैदी की रिहाई से समाज, कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

पांचों केंद्रीय जेलों के कैदियों को मिलेगा लाभ

यह निर्णय राज्य की सभी पांच केंद्रीय जेलों में बंद पात्र उम्रकैदियों पर लागू होगा। जेल प्रशासन ने पात्र कैदियों की सूची तैयार कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दिया है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी चयनित कैदियों को 14 अगस्त को औपचारिक रूप से रिहा किया जाएगा।

रिहाई के बाद संबंधित जिला प्रशासन भी इन व्यक्तियों की निगरानी और पुनर्वास से जुड़े आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि वे समाज में सामान्य जीवन जी सकें।

सुधारात्मक न्याय व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि समयपूर्व रिहाई की नीति का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि अपराधियों में सुधार लाना भी है। यदि कोई कैदी जेल में अपने व्यवहार से यह साबित करता है कि वह समाज में सकारात्मक जीवन जीने के लिए तैयार है, तो उसे दूसरा अवसर देना न्याय व्यवस्था की सुधारात्मक सोच का हिस्सा माना जाता है।

इसी सोच के तहत राज्य सरकार समय-समय पर पात्र कैदियों के मामलों की समीक्षा करती है और नियमों के अनुरूप निर्णय लेती है।

रिहाई से पहले की गई विस्तृत जांच

अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक कैदी के मामले में पुलिस रिपोर्ट, जिला प्रशासन की राय, जेल अधीक्षक की अनुशंसा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया है। केवल उन्हीं कैदियों को सूची में शामिल किया गया है, जो सभी निर्धारित शर्तों पर खरे उतरे हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि समयपूर्व रिहाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के अनुरूप की जा रही है। किसी भी गंभीर सुरक्षा जोखिम वाले मामले में रिहाई की अनुमति नहीं दी गई है।

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