CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले में भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं के गठजोड़ को तोड़ने के लिए प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कांवरे ने इस करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए दो नई विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन किया है।
इस बार जांच का दायरा इतना विस्तृत है कि उन जमीनों की भी पड़ताल की जाएगी, जिनकी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
जांच का नया स्वरूप: शिकायत हो या न हो, सबकी होगी पड़ताल
इससे पहले हुई जांचों में केवल उन्हीं मामलों को देखा गया था जिनमें शिकायतें दर्ज थीं। लेकिन ED की जांच में नए तथ्य सामने आने के बाद रणनीति बदल दी गई है:
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शून्य शिकायतों पर भी नजर: टीम अब प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाले हर एक खसरा नंबर की बारीकी से जांच करेगी।
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11 जिलों पर साया: यह घोटाला केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि धमतरी सहित 11 जिलों में फैला हुआ है।
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एक महीने का अल्टीमेटम: आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच की अंतिम रिपोर्ट एक महीने के भीतर हर हाल में सौंपी जाए।
इन अधिकारियों को सौंपी गई कमान
संभाग आयुक्त ने रायपुर और धमतरी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं:
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रायपुर टीम: इसका नेतृत्व डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह करेंगी।
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धमतरी टीम: इसकी जिम्मेदारी अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम को दी गई है।
ED की कार्रवाई से मचा हड़कंप
हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी में छापेमारी कर भारी मात्रा में कैश, चांदी की ईंटें और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि सरकारी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी राजस्व अधिकारियों ने रसूखदारों के साथ मिलकर कागजों में हेरफेर किया और जमीन के मालिक बदल दिए ताकि करोड़ों का अतिरिक्त मुआवजा डकारा जा सके।

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