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May 1, 2026

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CG NEWS : करेंसी टॉवर के बाद अब पिथालिया कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट में फंसी IAS की पत्नी, मची अफरा-तफरी

CG NEWS :  रायपुर, 1 मई 2026 राजधानी रायपुर की बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग्स में सुरक्षा के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। अभी कुछ ही दिन पहले वीआईपी रोड स्थित ‘करेंसी टॉवर’ में छत्तीसगढ़ की सीनियर आईएएस (ACS) ऋचा शर्मा के लिफ्ट में फंसने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि गुरुवार को फाफाडीह स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स में वैसी ही घटना दोहराई गई। इस बार एक आईएएस अधिकारी की पत्नी लिफ्ट में करीब 15-20 मिनट तक फंसी रहीं, जिससे कॉम्प्लेक्स में हड़कंप मच गया।

पिथालिया कॉम्प्लेक्स में दहशत का माहौल

जानकारी के अनुसार, आईएएस अधिकारी की पत्नी किसी निजी काम से पिथालिया कॉम्प्लेक्स पहुंची थीं। जैसे ही उन्होंने लिफ्ट ली, तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में ही अटक गई। लिफ्ट के अचानक रुकने और दरवाजा न खुलने के कारण अंदर फंसी महिला घबरा गईं। शोर मचाने और मोबाइल से सूचना देने के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षा कर्मियों और तकनीशियनों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला।

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करेंसी टॉवर की घटना के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

हाल ही में करेंसी टॉवर की लिफ्ट में एसीएस ऋचा शर्मा करीब 20 मिनट तक फंसी रही थीं। उस घटना में यह बात सामने आई थी कि लिफ्ट के भीतर न तो इमरजेंसी अलार्म काम कर रहा था और न ही मोबाइल नेटवर्क मिल रहा था। अंधेरे और वेंटिलेशन की कमी के कारण उनकी तबीयत तक बिगड़ गई थी।

“लगातार हो रही ये घटनाएं दर्शाती हैं कि रायपुर के बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कमर्शियल हब्स में लिफ्ट का मेंटेनेंस केवल खानापूर्ति बनकर रह गया है।”

लिफ्ट सेफ्टी पर उठते गंभीर सवाल

राजधानी के इन प्रमुख कॉम्प्लेक्सों में हर दिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, जिनमें वीवीआईपी (VVIP) से लेकर आम नागरिक तक शामिल हैं। पिथालिया कॉम्प्लेक्स में हुई इस घटना ने सुरक्षा खामियों को उजागर किया है:

  • मेंटेनेंस का अभाव: क्या इन लिफ्ट्स का नियमित ऑडिट किया जा रहा है?

  • इमरजेंसी सिस्टम फेल: अलार्म और हेल्पलाइन नंबर्स का काम न करना जानलेवा साबित हो सकता है।

  • पावर बैकअप की कमी: वोल्टेज फ्लक्चुएशन या बिजली जाने पर लिफ्ट को निकटतम फ्लोर पर लाने वाली तकनीक (ARD) का न होना।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

लगातार दो हाई-प्रोफाइल मामलों के बाद शहर के लोगों में रोष है। नगर निगम और संबंधित विभाग द्वारा बिल्डिंग संचालकों पर कड़ी कार्रवाई और लिफ्ट सेफ्टी ऑडिट की मांग उठने लगी है। प्रशासन अब तक इन लापरवाहियों पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन आईएएस परिवार से जुड़े मामलों के बाद अब सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।

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