खटिकपारा और झंझटपारा में दहशत, पाइपलाइन लीकेज बनी वजह
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी गंदा और बदबूदार है। कई मोहल्लों में पेयजल पाइपलाइन ड्रेनेज के पास से गुजरी है, जहां लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है। दिव्यांश की मौत के बाद खटिकपारा में मातम पसरा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब घर-घर जाकर सर्वे कर रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि प्रशासन तब जागा जब मासूमों की जान चली गई।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने साधा निशाना
पीलिया से हुई मौतों ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने प्रशासन की सुस्ती पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस स्थिति को ‘प्रशासनिक विफलता’ करार दिया।
“अंबिकापुर में पीलिया से हो रही मौतें दुखद हैं। जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना इस ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नगर निगम और प्रशासन को तत्काल लीकेज दुरुस्त कर साफ पानी सुनिश्चित करना चाहिए। हम इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
— टीएस सिंहदेव, पूर्व डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़
हंगामा बढ़ने के बाद नगर निगम अंबिकापुर के अमले ने प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने प्रभावित वार्डों में मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे पानी उबालकर ही पिएं और किसी भी प्रकार के लक्षण (जैसे आंखों का पीलापन या गहरे रंग का पेशाब) दिखने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराएं। आने वाले 48 घंटों में जल शोधन संयंत्रों (Filtration Plants) की सफाई और पाइपलाइन मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर करने का दावा किया जा रहा है।

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