CG BREAKING : बालोद, 19 जुलाई। जिले में सात महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आरक्षक लिकेश पटेल की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लंबे समय बाद भी मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी (टीआई) बालोद से पूरी केस फाइल और विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है।
सूत्रों के मुताबिक एसपी कार्यालय ने अब तक हुई जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों की जानकारी मांगी है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि मामले की पुनः समीक्षा की जा रही है।
1 जनवरी को मिला था शव
मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2026 को बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम टेकापार के पास एक खेत में आरक्षक लिकेश पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
उस समय प्रारंभिक जांच में कई सवाल खड़े हुए थे, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी मौत की असली वजह सामने नहीं आ सकी। इसी कारण परिजनों और स्थानीय लोगों ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए थे।
एसपी कार्यालय ने मांगी पूरी जानकारी
सूत्रों का कहना है कि एसपी कार्यालय ने थाना प्रभारी से निम्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है:
-
घटनास्थल का निरीक्षण प्रतिवेदन,
-
पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट,
-
मोबाइल कॉल डिटेल और तकनीकी जांच,
-
गवाहों के बयान,
-
अब तक की जांच में सामने आए तथ्य,
-
और केस डायरी की प्रगति।
रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
परिजनों ने उठाए थे सवाल
आरक्षक के परिजनों ने पहले भी मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनका कहना था कि कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच नहीं की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि मामले में कुछ तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है।
हालांकि पुलिस ने उस समय कहा था कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

More Stories
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, महिलाओं की स्क्रीनिंग और जागरूकता पर जोर
श्मशान में शव दफनाने पर ग्रामीणों ने की घेराबंदी, पुलिस की समझाइश के बाद सुलझा विवाद
CG Crime News : 191 किलो गांजा तस्करी मामले में ANTF ने 2 और आरोपियों को किया गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम