नई दिल्ली — संसद के **Budget Session 2026** का औपचारिक आगाज बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने अगले 25 वर्षों के लिए भारत के रोडमैप और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया। उन्होंने अपने भाषण में सरकार की 11 साल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया।
अभिभाषण की 5 बड़ी बातें: गरीबी से लेकर सैन्य शौर्य तक
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला, जो आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं:
- गरीबी उन्मूलन: राष्ट्रपति ने जानकारी दी कि पिछले एक दशक में सरकार के प्रयासों से **25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर** आए हैं।
- सामाजिक सुरक्षा: वर्तमान में देश के लगभग **95 करोड़ नागरिक** विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में हैं।
- लखपति दीदी योजना: महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक वर्ष के भीतर **7 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’** बनी हैं।
- ऑपरेशन सिंदूर और रक्षा: राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के शौर्य की प्रशंसा की और **’मिशन सुदर्शन चक्र’** के माध्यम से रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
- रोजगार का नया कानून: ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार रोकने और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए **’विकसित भारत G-RAM-G’** कानून का विशेष उल्लेख किया गया।
विपक्ष का हंगामा और ‘रविवार’ का ऐतिहासिक बजट
अभिभाषण के दौरान विपक्ष की ओर से कुछ मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी देखने को मिली। विशेष रूप से **G-RAM-G कानून** और अन्य स्थानीय मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई। हालांकि, राष्ट्रपति ने अपना संबोधन जारी रखा और सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति पर बल दिया।
इस बार का बजट सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है क्योंकि भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार **1 फरवरी (रविवार)** को आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी।
आगामी कार्यक्रम: कब क्या होगा?
सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, संसदीय कार्यवाही अब निम्नलिखित चरणों में आगे बढ़ेगी:
| तारीख | कार्यक्रम |
|---|---|
| 29 जनवरी | आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey) का पेश होना |
| 1 फरवरी | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट की प्रस्तुति |
| 13 फरवरी | बजट सत्र के पहले चरण का समापन |
| 9 मार्च – 2 अप्रैल | बजट सत्र का दूसरा चरण |
जनता की नजरें मध्यम वर्ग और टैक्स पर
राष्ट्रपति के अभिभाषण ने सरकार की प्राथमिकताओं को तो स्पष्ट कर दिया है, लेकिन आम आदमी की निगाहें 1 फरवरी को होने वाली घोषणाओं पर हैं। **आयकर स्लैब में बदलाव**, सुरक्षित निवेश नियमों में संशोधन और बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीदें इस बार के बजट को लेकर बहुत अधिक हैं।

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