गोमा (कांगो): अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के उत्तरी किवू प्रांत में बुधवार, 28 जनवरी 2026 को एक भीषण प्राकृतिक और मानवीय त्रासदी हुई। रुबाया स्थित कोल्टन (Coltan) खदानों में हुए सिलसिलेवार भूस्खलन और धंसान के कारण कम से कम 227 लोगों की जान चली गई है। मलबे और कीचड़ का अंबार इतना विशाल है कि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बारिश बनी ‘काल’, कीचड़ के सैलाब में दबे लोग
क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हुआ। बारिश की वजह से खदानों के ऊपर की मिट्टी और पहाड़ का हिस्सा धंस गया, जिससे नीचे स्थित खदानों के मुहाने बंद हो गए और वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबेरे मुयिसा ने पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में न केवल खनिक (Miners) थे, बल्कि वे बच्चे और महिलाएं भी थीं जो खदान के आसपास छोटा-मोटा व्यापार या मजदूरी करती थीं।
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क्यों हुआ इतना बड़ा हादसा?
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मैनुअल माइनिंग: रुबाया की इन खदानों में खुदाई ज्यादातर हाथों से और बिना किसी सुरक्षा मानकों के की जाती है।
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जर्जर सुरंगें: विशेषज्ञों का कहना है कि यहाँ सुरंगें एक-दूसरे के समानांतर बहुत करीब खोदी गई हैं, जिससे एक खदान गिरने पर डोमिनो इफेक्ट (एक के बाद एक गिरना) शुरू हो जाता है।
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विद्रोही नियंत्रण: यह क्षेत्र वर्तमान में M23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में है, जिससे आधिकारिक सुरक्षा जांच और आधुनिक मशीनों की पहुंच यहाँ न के बराबर है।
स्मार्टफोन और लैपटॉप की दुनिया पर असर
रुबाया की खदानें दुनिया भर में उपयोग होने वाले कोल्टन (टैंटलम) का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करती हैं। यह खनिज हमारे मोबाइल फोन, कंप्यूटर और विमान के इंजनों के लिए अनिवार्य है। इस बड़े हादसे और फिलहाल माइनिंग रोके जाने से वैश्विक टेक सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने की संभावना है।

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