NSA Ajit Doval , रायपुर। देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कॉन्फ्रेंस DGP–IG वार्षिक सम्मेलन का आज रायपुर में भव्य आगाज़ हो गया है। नवा रायपुर स्थित IIM कैंपस में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित होने जा रही इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देशभर से लगभग 600 अधिकारी और VIP भाग ले रहे हैं। उद्घाटन से पहले ही सुरक्षा तंत्र की सबसे अहम तिकड़ी—NSA अजीत डोभाल, R&AW चीफ पराग जैन और IB चीफ तपन डेका—ने उच्चस्तरीय बैठक लेकर माहौल को और गंभीर बना दिया।
उद्घाटन से पहले ही डोभाल की बड़ी बैठक
सुबह रायपुर पहुंचते ही NSA अजीत डोभाल सीधे IIM कैंपस पहुंचे, जहां उन्होंने R&AW और IB प्रमुखों के साथ सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की क्लोज़-डोर मीटिंग की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में आतंकवाद, चरमपंथ, सीमा सुरक्षा, साइबर अटैक और काउंटर-इंटेलिजेंस जैसी प्रमुख चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पहले दिन 6 घंटे लंबी मैराथन बैठकें
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक लगातार बैठकें होंगी। इस दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र की मजबूती, नक्सल उन्मूलन, आतंकी नेटवर्क पर रोक और भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तृतरिपोर्टें पेश की जाएँगी।केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी ज़ोर दिया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह पहले ही रायपुर में
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार देर रात ही रायपुर पहुंच चुके हैं। उन्होंने आज सुबह से सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकातें शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि शाह आज की बैठकों में शामिल होंगे और अगले दो दिनों के लिए सुरक्षा एजेंडा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी आज रात पहुंचेंगे रायपुर
कॉन्फ्रेंस का सबसे अहम सत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होगा। वे आज रात रायपुर पहुंचेंगे और शुक्रवार को अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री हर साल इस कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व करते हैं और सुरक्षा एजेंसियों की वार्षिक रिपोर्ट की समीक्षा भी करते हैं।
देशभर से पहुंचे टॉप कॉप्स
इस सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के DGP, IG, ADG सहित शीर्ष पुलिस अधिकारी मौजूद हैं।
इसके अलावा केंद्रीय एजेंसियों—NIA, NSG, CRPF, CISF, RAW, IB—के प्रमुख भी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं।
किले जैसी सुरक्षा, नवा रायपुर में हाई अलर्ट
IIM कैंपस और नवा रायपुर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। SPG, NSG और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात हैं। ड्रोन से निगरानी, विशेष चेकिंग पॉइंट, और VIP मूवमेंट के लिए अलग रूट प्लान बनाए गए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?
यह कॉन्फ्रेंस देश की सर्वोच्च सुरक्षा–नीति निर्माण बैठक मानी जाती है।यहां से तैयार किए गए दिशा–निर्देश पूरे वर्ष देशभर के सुरक्षा तंत्र पर प्रभाव डालते हैं।साइबर सुरक्षा, सीमा चुनौतियाँ, आतंकी खतरे, और देश के भीतर सक्रिय किसी भी तरह के संगठित अपराध पर रोक जैसी प्रमुख रणनीतियाँ इसी बैठक में तय होती हैं।

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