लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख ईको-पर्यटन स्थलों का संचालन और रखरखाव अब निजी कंपनियों के हाथों में सौंपा जाएगा। इसके लिए ईको-पर्यटन विकास बोर्ड ने निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
hidden danger: स्मार्टफोन की सुविधा के पीछे गंभीर स्वास्थ्य और मानसिक नुकसान
बोर्ड के अनुसार, चयनित कंपनियों को गेस्ट हाउस, पर्यटक सुविधा केंद्र, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं का संचालन व रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सरकार को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
नियमों की उड़ रही थीं धज्जियाँ, पुलिस ने 18 से ज्यादा संस्थानों पर कसा शिकंजा
बोर्ड ने पहले चरण में राज्य के 11 ईको-पर्यटन स्थलों को चिह्नित किया है। दरअसल, बीते माह हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए थे कि सरकार द्वारा बनाए गए गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट का रखरखाव न हो पाने के कारण वे धीरे-धीरे जर्जर हो जाते हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे पर्यटक सुविधाओं का सही तरीके से संचालन हो और भवन भी सुरक्षित रह सकें।

More Stories
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 2024 तक के रहवासी होंगे पात्र, कटऑफ सीमा बढ़ी
Prajwal Revanna Case : प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल में पोर्न वीडियो मिलने का दावा, जेल से जब्त हुआ था फोन
BRICS 2026 : पुतिन-चिनफिंग का हाथ पकड़ा, मुस्कुराए PM मोदी’ मंच से दुनिया को दिया मजबूत संदेश