पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता पी. के. ने हाल ही में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया पर केंद्र सरकार का नकारात्मक हस्तक्षेप हो रहा है।
Community Building occupation: सामुदायिक भवनों का अवैध उपयोग, निगम प्रशासन को चेतावनी
पहले बूथ लुटता था, अब उम्मीदवार लूटने लगे’
पी. के. ने कहा कि पहले चुनावों में केवल बूथ पर गड़बड़ी होती थी, लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो गई है। उनके अनुसार, उम्मीदवारों को भी राजनीतिक और आर्थिक दबावों में लूट लिया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र की आत्मा प्रभावित हो रही है।
चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल
पी. के. ने चुनाव आयोग और अन्य निगरानी संस्थाओं से भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे हालात में चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र नहीं रह पाते।
राजनीतिक हलचल तेज
पी. के. के आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। वहीं, भाजपा ने आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि सभी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होते हैं।
जनता और मीडिया में प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है। लोग पी. के. के आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, कुछ इसे लोकतंत्र के लिए चेतावनी मान रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद बिहार में आगामी चुनावों और राजनीतिक परिस्थितियों पर असर पड़ सकता है।

More Stories
BREAKING NEWS : पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के घर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, पहले मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी’ CCTV में कैद वारदात
BRICS Summit 2026 : सप्लाई चेन मजबूत करने का प्रस्ताव, स्टार्टअप और डिजिटल कृषि पर भी फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 2024 तक के रहवासी होंगे पात्र, कटऑफ सीमा बढ़ी