काठमांडू: नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला मोड़ आया। नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) के शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर, नेपाल पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को उनके निवास से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पिछले साल हुए ‘Gen-Z’ (जेन-जी) विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों के मामले में की गई है।
गिरफ्तारी की मुख्य वजह: ‘Gen-Z’ प्रोटेस्ट और 77 मौतें
सितंबर 2025 में नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं (Gen-Z) ने एक विशाल आंदोलन किया था।
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लापरवाही का आरोप: एक उच्च स्तरीय जांच आयोग (गौरी बहादुर कार्की आयोग) की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन ओली सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया और सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती।
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मौतों का आंकड़ा: इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग और हिंसा में कम से कम 77 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, निहत्थे युवाओं और यहां तक कि नाबालिगों पर भी गोलियां चलाई गई थीं।
बालेन शाह की पहली कैबिनेट का बड़ा फैसला
रैपर से राजनेता बने और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय 35 वर्षीय बालेन शाह ने शुक्रवार (27 मार्च 2026) को ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। अपनी पहली कैबिनेट बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया:
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जांच रिपोर्ट लागू: कैबिनेट ने ‘जेन-जी’ आंदोलन की जांच रिपोर्ट की सिफारिशों को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया।
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कानून से ऊपर कोई नहीं: नए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह किसी के खिलाफ बदला नहीं, बल्कि न्याय की शुरुआत है। देश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।”

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