सक्ती। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी बिलासपुर की टीम ने जनपद पंचायत के सीईओ सहित तीन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला ग्राम लिमतरा की सरपंच से जुड़े विकास कार्यों की राशि जारी करने का है। शिकायतकर्ता अरुण कुमार भारद्वाज ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत 20 लाख रुपये में से शेष 12 लाख रुपये जारी कराने के एवज में जनपद पंचायत सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर द्वारा 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा एक लाख रुपये पहले ही ले लिए गए थे। इसके बाद एसीबी टीम ने मामले की पुष्टि कर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
योजना के तहत जैसे ही शेष एक लाख रुपये की रिश्वत राशि भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से ली गई, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के बीच खलबली मच गई है, वहीं आम लोगों में एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।

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