Indian Navy’ नई दिल्ली। 30 अप्रैल, 2026भारतीय नौसेना और DRDO ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में रक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। ओडिशा तट के पास समुद्र में एक नौसैनिक हेलिकॉप्टर से स्वदेशी शॉर्ट रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल (NASM-SR) का सफल ‘साल्वो लॉन्च’ किया गया। यह पहली बार है जब भारत ने किसी हेलिकॉप्टर प्लेटफॉर्म से कुछ ही सेकंडों के अंतराल पर एक साथ दो मिसाइलें दागकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
क्यों खास है यह परीक्षण?
आमतौर पर एक समय में एक ही मिसाइल दागी जाती है, लेकिन ‘साल्वो लॉन्च’ का अर्थ है—एक ही लक्ष्य पर एक साथ दो या अधिक मिसाइलें छोड़ना।
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सैचुरेशन अटैक: इस तकनीक का उद्देश्य दुश्मन के जहाज के डिफेंस सिस्टम (CIWS) को भ्रमित करना और उसे संभलने का मौका न देना है। यदि दुश्मन एक मिसाइल को रोक भी ले, तो दूसरी मिसाइल का सटीक निशाना लगना लगभग तय होता है।
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सटीक निशाना: परीक्षण के दौरान दोनों मिसाइलों ने समुद्री जहाज के निचले हिस्से (Waterline) पर सटीक प्रहार किया। जहाज के इस हिस्से पर हमला होने से उसमें पानी भरने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिससे वह तेजी से डूब सकता है।
रक्षा मंत्री ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक परीक्षण के लिए DRDO और नौसेना को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस मिसाइल के आने से भारतीय नौसेना की आक्रामक क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा और यह समुद्री सुरक्षा की दिशा में ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी।

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