DMF घोटाले में पूर्व IAS Anil Tuteja को हाई कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज
गायब से शव तक: 72 घंटे का रहस्य
गांव के लोगों ने बताया—शाम ढल रही थी। माहौल शांत था। तभी दो अजनबी आए और पुजारी नयन को अपने साथ ले गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह आखिरी बार होगा जब वह जिंदा दिखे। तीन दिन बीते। तलाश जारी रही। फिर गांव के बाहरी इलाके में एक पेड़ से लटका शव मिला। करीब 72 घंटे बाद इस तरह शव मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह इलाका सुनसान है। वहां तक पहुंचना आसान नहीं। इसका मतलब साफ है—घटना प्लान के साथ हो सकती है।
सियासी तनाव या आपराधिक वारदात?
इस केस को लेकर अलग-अलग एंगल सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले से जोड़ रही हैं, जबकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस बयान नहीं आया है। सियासी गलियारों में भी हलचल है। एक तरफ विपक्षी मीडिया रिपोर्ट्स आंतरिक तनाव की बात कर रही हैं, दूसरी तरफ सरकार की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। जमीन पर माहौल भारी है। लोग डरे हुए हैं। मंदिर के आसपास सन्नाटा पसरा है—जैसे किसी ने आवाज छीन ली हो।

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