Amitabh Bachchan , नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन को आज “शहंशाह” कहा जाता है, लेकिन यह मुकाम उन्हें बेहद कठिन संघर्ष के बाद मिला है। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में बिग बी ने न सिर्फ सुपरहिट फिल्मों का स्वाद चखा, बल्कि ऐसा दौर भी देखा जब उनका स्टारडम डगमगा गया और उन पर करीब 90 करोड़ रुपये का भारी कर्ज चढ़ गया था। यह वह समय था जब अमिताभ बच्चन का करियर, प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति—तीनों संकट में थे।
जब शहंशाह बन गए थे ‘फ्लॉप स्टार’
1990 के दशक के अंत में अमिताभ बच्चन की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप हो रही थीं। दर्शकों का टेस्ट बदल रहा था और नई पीढ़ी के सितारे उभर रहे थे। इसी दौर में उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन और इवेंट मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रखा और अपनी कंपनी ABCL (Amitabh Bachchan Corporation Limited) शुरू की। शुरुआत में कंपनी ने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स हाथ में लिए, लेकिन जल्द ही हालात बिगड़ने लगे।
90 करोड़ रुपये का कर्ज
ABCL पर लगातार घाटा बढ़ता गया और देखते ही देखते अमिताभ बच्चन पर करीब 90 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया। यह रकम उस समय के हिसाब से बेहद बड़ी थी। बैंक नोटिस भेजने लगे, प्रॉपर्टी कुर्क होने का खतरा मंडराने लगा और हालात ऐसे बन गए कि अमिताभ को अपनी कुछ संपत्तियां बेचनी पड़ीं।
अंबानी की मदद ठुकराने का फैसला
इसी मुश्किल दौर में उनके करीबी और उद्योगपति दोस्त धीरूभाई अंबानी ने उन्हें आर्थिक मदद का ऑफर दिया। कहा जाता है कि अंबानी परिवार अमिताभ बच्चन को इस संकट से बाहर निकालने के लिए तैयार था, लेकिन बिग बी ने यह मदद लेने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि वह अपनी गलतियों की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे और मेहनत से कर्ज चुकाएंगे।

More Stories
Sushmita Sen Comeback: 16 साल बाद फिल्मों में वापसी का किया इशारा, शादी पर बोलीं- जवाब ढूंढते रह जाएंगे
Sunita Ahuja: सुनीता आहूजा के साथ खड़ी हुईं कश्मीरा शाह, गोविंदा से रिश्ते पर कह दी बड़ी बात
Kiara Advani Pregnancy : प्रेग्नेंसी की खबर सुनकर भावुक हुए थे यश, कियारा बोलीं- उन्होंने शूटिंग की नहीं, मेरी खुशी की सोची