कोंडागांव। कोंडागांव जिले के मर्दापाल विकासखंड स्थित ग्राम पदेली के एक आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। आंगनबाड़ी परिसर में खेल रही ढाई साल की मासूम बच्ची माहेश्वरी यादव की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने आंगनबाड़ी प्रबंधन की घोर लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को माहेश्वरी आंगनबाड़ी केंद्र में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलते-खेलते वह परिसर में लगे एक खुले बिजली के तार की चपेट में आ गई। करंट का झटका इतना तेज था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को इस बात की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का फूटा गुस्सा
इस दर्दनाक घटना के बाद, मृतका के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीधे तौर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि अगर आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली के खुले तारों को लेकर सतर्कता बरती गई होती, तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की अपील की है।
विभाग ने की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। विभाग ने पदेली आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता और सहायिका की सेवा समाप्त कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर सरकारी केंद्रों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है और ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देती है।

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