पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गृहमंत्री विजय शर्मा पर लगाए गए आरोपों पर जेल प्रशासन ने अपनी सफाई पेश की है। बघेल ने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कैदियों से अपने घर पर काम करवाया, जबकि इसके लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी होती है। इन आरोपों पर रायपुर केंद्रीय जेल के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण जारी किया है।
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जेल प्रशासन की सफाई
जेल प्रशासन ने भूपेश बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी कैदी को जेल परिसर से बाहर श्रम कार्य के लिए भेजने के लिए अदालत की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। जेल मैनुअल के अनुसार, इसके लिए जेल अधीक्षक की अनुमति ही पर्याप्त होती है।
जेल प्रशासन ने बताया कि गृहमंत्री विजय शर्मा के अनुरोध पर, जेल अधीक्षक ने नियमानुसार 3-4 कैदियों को श्रम कार्य के लिए उनके आवास पर भेजा था। इन कैदियों ने वहां साफ-सफाई और अन्य छोटे-मोटे काम किए। यह प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और जेल नियमों के तहत की गई थी।
क्या था भूपेश बघेल का आरोप?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि गृहमंत्री विजय शर्मा अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा था कि कैदियों से घर में काम कराना गैर-कानूनी है और इसके लिए कोर्ट की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या गृहमंत्री के पास कैदियों से काम कराने के लिए कोर्ट की अनुमति थी?
इस मुद्दे पर जेल प्रशासन की सफाई के बाद अब यह मामला शांत होने की उम्मीद है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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