खुशी से मातम तक का सफर
8 अप्रैल को देवांगन की बारात जशपुर गई थी। 9 अप्रैल को ठाकुरपोड़ी गांव में रिसेप्शन हुआ। घर में अभी भी मेहमान थे। हंसी गूंज रही थी। अगले ही दिन तस्वीर बदल गई। 10 अप्रैल की सुबह देवांगन अपने दोस्तों के साथ टेंट का सामान लौटाने निकला। रास्ता सामान्य था, लेकिन अचानक ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हुआ। गाड़ी डगमगाई… और फिर पलट गई। जो पल पहले तक साधारण लग रहा था, वही सब कुछ खत्म कर गया।
3 दोस्त घायल, गांव में सन्नाटा
हादसे में दूल्हे के साथ मौजूद 3 दोस्त घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में खबर पहुंचते ही माहौल बदल गया। शादी के गीत बंद हो गए। हर चेहरे पर सन्नाटा। लोग कहते हैं, “कल तक जो दूल्हा था, आज उसकी अर्थी उठी।” यह वाक्य गांव में बार-बार सुनाई देता रहा।
“ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हुआ। हम कुछ समझ पाते, उससे पहले गाड़ी पलट गई।” — घायल साथी
कापू थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे की वजह ब्रेक फेल बताई जा रही है, लेकिन तकनीकी जांच जारी है। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर का उपयोग आम है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अक्सर नजरअंदाज होते हैं। यह हादसा एक कड़ा संकेत है। सवाल सीधा है—क्या ऐसे हादसों को रोका जा सकता था?

More Stories
CG Accident News : दंतेवाड़ा में अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, 10 से अधिक लोग घायल, तड़के हुए हादसे से मची अफरा-तफरी
CG NEWS : ₹17 करोड़ के फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में बड़ा एक्शन’ 3 क्लर्क सस्पेंड, 8 कर्मचारियों से पूछताछ बाकी, गिरफ्तारी के विरोध में लिपिक संघ का आंदोलन
CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन का असर