रायपुर: भ्रष्टाचार निवारण शाखा (ACB) और आर्थिक अपराध विंग (EOW) को तीन नए पुलिस अधिकारियों और एक आरक्षक की तैनाती मिली है। यह नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सभी नियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारियां मुख्य रूप से रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराध से संबंधित मामलों की जांच में होंगी। सूत्रों के अनुसार, नए अधिकारियों के आने से ACB और EOW की कार्य क्षमता में सुधार और मामलों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित होगी।
जानकारी के अनुसार, नियुक्त किए गए अधिकारी अनुभवी हैं और पिछले कई वर्षों से पुलिस विभाग में विभिन्न संवेदनशील मामलों की देखरेख कर चुके हैं। अधिकारी स्थानीय प्रशासन और अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों के मामलों में ठोस कदम उठाएंगे।
इस नियुक्ति के बाद ACB-EOW विभाग ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध को कड़ाई से रोकना और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों की सूचना देने में सहयोग करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तैनाती से राज्य में भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों की जांच में गति आएगी और मामलों का निष्पक्ष निपटारा होगा। इसके अलावा, अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी और आधुनिक जांच उपकरणों का उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे।

More Stories
Child Labor Rescue : नाबालिगों को बंधक बनाकर काम कराने वाले फैक्ट्री मालिकों पर गिरेगी गाज
Chhattisgarh High Court : राज्य सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार की सीधी नियुक्ति को बताया अवैध
RAIPUR 13 March 2026 उरला थाना सुर्खियों में: अपहरण और बाल श्रम के सर्वाधिक 4 मामले दर्ज।