महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के बीच 20 साल बाद हुआ पहला राजनीतिक प्रयोग असफल माना जा रहा है।
‘जुमे की नमाज पढ़ो नहीं तो जेल जाओ’- मलेशिया के राज्य में आया नया फरमान
दोनों भाइयों ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले एक साथ आने का फैसला किया था, जिसके बाद राज ठाकरे ने अपनी पार्टी का विलय उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में करने का ऐलान किया था। इस कदम को शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा था, क्योंकि इससे ठाकरे परिवार एक मंच पर आ जाता। लेकिन, हाल के घटनाक्रमों ने संकेत दिया है कि यह ‘प्रयोग’ उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच वैचारिक मतभेद और मनसे के कुछ नेताओं के विरोध के कारण यह विलय प्रक्रिया अटक गई है। इसके बाद, राज ठाकरे का मुख्यमंत्री से मिलना राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को हवा दे रहा है।
इस मुलाकात का एजेंडा अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि राज ठाकरे राज्य की राजनीतिक स्थिति, स्थानीय चुनावों और अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा कर सकते हैं। यह मुलाकात संकेत देती है कि राज ठाकरे अब अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।



More Stories
Avimukteshwarananda : अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला डिप्टी सीएम केशव मौर्य को रोके जाने का आरोप
Gold Rate Today : गणतंत्र दिवस पर सोने की कीमतों में मामूली गिरावट, चांदी ₹3.34 लाख के पार; जानें प्रमुख शहरों के रेट
Republic Day 2026 : कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज, 77वें गणतंत्र दिवस पर दिखा भारत का पराक्रम, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र