अनिल देवांगन, रायपुर, 13 जून 2025 – भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा और सम्मान का पर्याय बन रही है। यह स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना उन करोड़ों कामगारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है और जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है। इसमें रिक्शा चालक, मोची, दर्जी, घरेलू कामगार और खेतिहर मजदूर जैसे मेहनतकश लोग शामिल हैं, जो अक्सर वृद्धावस्था में आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं।
योजना के तहत, लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद हर महीने न्यूनतम ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन मिलती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केंद्र सरकार भी लाभार्थी के अंशदान के बराबर ही योगदान करती है, जिससे श्रमिकों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई 18 वर्षीय श्रमिक मासिक ₹55 का योगदान करता है, तो सरकार भी ₹55 मिलाकर कुल ₹110 उसके खाते में जमा करती है।
आपके उम्र के हिसाब से मासिक अंशदान कितना होगा इस चार्ट से समझें

PM-SYM केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भरता की भावना प्रदान करती है और सुनिश्चित करती है कि उनके जीवन का अंतिम पड़ाव सम्मानजनक हो। CSC केंद्रों के माध्यम से आसान पंजीकरण प्रक्रिया ने भी इस योजना की पहुँच को बढ़ाया है, जिससे अधिक से अधिक श्रमिक इसका लाभ उठा पा रहे हैं। यह सचमुच “नए भारत” के निर्माण में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है।
छोटे व्यापारियों के लिए भी एक विशेष पेंशन योजना है, जिसका नाम है प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (Pradhan Mantri Laghu Vyapari Maan-Dhan Yojana – PMLVMY)। यह योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के ही समान है, लेकिन यह विशेष रूप से व्यापारियों और स्वरोजगार वाले व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन की गई है।

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