छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाकों में फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून दंतेवाड़ा में ही अटका हुआ है। अनुमान है कि यह स्थिति 11 जून तक बनी रहेगी, जिससे मानसून की प्रगति बाधित होगी। इस देरी के पीछे दो पश्चिमी विक्षोभों का हाथ है, जिन्होंने हवा के पैटर्न को बदल दिया है और मानसूनी हवा की गति को प्रभावित किया है।
मौसम विभाग ने बताया है कि एक पश्चिमी विक्षोभ 54 डिग्री पूर्व और 25 डिग्री उत्तर में सक्रिय है, जबकि दूसरा लद्दाख और कश्मीर के ऊपर मौजूद है। इन विक्षोभों के कारण अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। अगले तीन दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जाएगी।
रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक था। आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की आशंका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 11 जून के बाद बंगाल की खाड़ी में एक नया मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना है। इस नए सिस्टम के बनने से प्रदेश में बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
संक्षेप में, छत्तीसगढ़ को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस से जूझना होगा, क्योंकि मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 11 जून के बाद स्थितियां बदलेंगी और राज्य को मानसूनी बारिश का लाभ मिलेगा।

More Stories
08 September 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल
Rules Changing From September 1 : 1 सितंबर से बदलेंगे LPG, FD और ITR समेत कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर